परिभाषा
pH = −log10[H+], जहाँ [H+] mol/L में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता है। pH में 1 का हर बदलाव सांद्रता में दस गुना बदलाव है। 25 °C पर pH + pOH = 14।
प्रबल अम्ल और क्षार
HCl जैसे प्रबल अम्ल पूरी तरह आयनित होते हैं, इसलिए [H+] अम्ल की सांद्रता के बराबर होता है। 0.01 M HCl का pH −log(0.01) = 2.00 है। प्रबल क्षार के लिए [OH−] से pOH निकालें और 14 में से घटाएँ: 0.01 M NaOH का pOH 2 और pH 12 है।
दुर्बल अम्ल
दुर्बल अम्ल सिर्फ़ आंशिक रूप से आयनित होता है, जो उसके अम्ल वियोजन स्थिरांक Ka से तय होता है। अगर अम्ल बहुत पतला न हो, तो [H+] ≈ √(Ka × C)। 0.1 M एसिटिक एसिड, pKa 4.76 के लिए: √(10−4.76 × 0.1) = 1.3 × 10−3 M, इसलिए pH लगभग 2.9 है।
बफ़र
बफ़र एक दुर्बल अम्ल और उसका संयुग्मी क्षार होता है। हेंडरसन-हैसलबाल्क समीकरण इसका pH देता है: pH = pKa + log([A−] ÷ [HA])। pH 5.0 पर एसीटेट बफ़र के लिए क्षार और अम्ल का अनुपात 105.0 − 4.76 = 1.74 है। बफ़र अपने pKa से लगभग 1 इकाई के अंदर सबसे अच्छा काम करता है।
कैलकुलेटर
pH कैलकुलेटर [H+], pOH, [OH−] और प्रबल या दुर्बल अम्ल व क्षार से pH निकालता है। बफ़र कैलकुलेटर तय सांद्रता और आयतन के बफ़र के लिए अनुपात और अम्ल व क्षार की मात्रा बताता है।